पारंपरिक मीडिया और नए मीडिया का वर्तमान परिदृश्य क्या संकेत देता है। क्या नया मीडिया प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के लिए गंभीर चुनौती बन रहा है? या फिर पारंपरिक मीडिया न सिर्फ अपनी जड़ों में मजबूती से जमा हुआ है बल्कि न्यू मीडिया में भी अपने लिए जगह बना चुका है। बालेन्दु शर्मा दाधीच का यह व्याख्यान सुनिए जो उन्होंने हिंदी वेबसाइट प्रवक्ता.कॉम की दसवीं वर्षगांठ के अवसर पर नई दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में दिया।
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